विज्ञान बनाम भ्रम

विज्ञान बनाम भ्रम

ग्रह-नक्षत्रों का हमारे जीवन पर प्रभाव, जैसे चंद्रमा का समुद्र के ज्वार-भाटा पर प्रभाव, एक खगोलीय सत्य है। लेकिन उस प्रभाव को “श्राप” मान लेना भ्रम है। उदाहरण के लिए— यदि घर के सामने खड़ा अशोक वृक्ष आपकी उपस्थिति और भावनाओं के प्रति प्रतिक्रिया देता प्रतीत होता है, तो...
भय की इकॉनमी कैसे बनती है?

भय की इकॉनमी कैसे बनती है?

जब डर पैदा होता है, तब उसके साथ “समाधान का व्यापार” भी जन्म लेता है। डर → असुरक्षा → निर्भरता → आर्थिक लाभ यह मॉडल केवल अध्यात्म में नहीं, पूरी दुनिया में चलता है। समस्या तब शुरू होती है जब किसी की मानसिक कमजोरी को आर्थिक अवसर बना दिया जाता है। जिस व्यक्ति को...
भय का बाज़ार: अंधविश्वास की इकॉनमी

भय का बाज़ार: अंधविश्वास की इकॉनमी

“डर से नहीं, दिशा से अध्यात्म।”“जहाँ डर बिकता है, वहाँ स्वतंत्र सोच धीरे-धीरे मरने लगती है।” डर: दुनिया का सबसे पुराना व्यापार मानव इतिहास में डर हमेशा एक शक्तिशाली साधन रहा है। राजाओं ने युद्ध के भय से शासन किया, कंपनियों ने असुरक्षा के डर से उत्पाद बेचे, और कई...
“सिद्धि या अध्यात्म? — क्रिया की प्रशंसा बनाम व्यक्ति का भ्रम”

“सिद्धि या अध्यात्म? — क्रिया की प्रशंसा बनाम व्यक्ति का भ्रम”

अध्यात्म के मार्ग पर चलते हुए हम अक्सर एक बड़ी भूल कर बैठते हैं — हम सिद्धियों को ही अध्यात्म समझने लगते हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि अध्यात्म और सिद्धि, दोनों एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। सिद्धि का अर्थ है किसी विशेष क्रिया या कौशल को पूरी तरह साध लेना। जैसे — किसी...