“सिद्धि या अध्यात्म? — क्रिया की प्रशंसा बनाम व्यक्ति का भ्रम”

“सिद्धि या अध्यात्म? — क्रिया की प्रशंसा बनाम व्यक्ति का भ्रम”

अध्यात्म के मार्ग पर चलते हुए हम अक्सर एक बड़ी भूल कर बैठते हैं — हम सिद्धियों को ही अध्यात्म समझने लगते हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि अध्यात्म और सिद्धि, दोनों एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। सिद्धि का अर्थ है किसी विशेष क्रिया या कौशल को पूरी तरह साध लेना। जैसे — किसी...